ॐ

Shri Nath Darbar Bhajan

ॐ शिव गोरक्ष योगी

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥ टेक ॥

देखो सिद्ध आये कैसे नाथ दरबार..... कैसे नाथ दरबार ।

बीच सिद्धों के बैठे सिद्ध गुरु दत्ता ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

जतो गोरख आये नाथ दरबार.... आये नाथ दरबार ।

बैठे जालंधर योगी, ज्योति के स्वरूपी ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

ॐकार आदिनाथ आये नाथ दरबार..... आये नाथ दरबार ।

डम-डम डमरू बाजे रच जावे दिव्य ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

आदिमाया शक्ति आये उदयपथ..... आयी उदयपथ ।

धर्ती के अवतार, दया के रूप ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

सत्य नाथ ब्रह्मा आये नाथ दरबार..... आये नाथ दरबार ।

चारों वेद शास्त्र पद ब्रह्माण्ड ज्ञानी ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

विष्णु अवतार आये संतोषनाथ..... आये संतोषनाथ ।

सदगुरु के चरणों में लीन्हा निवास ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥








नाथ दरबार आये गोरख अवधूत..... आये गोरखनाथ ।

शेष शांति अवतार भार हेतु का भार ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

देखो देखो आये गणेशनाथ..... आये गणेशनाथ ।

संग शक्ति सिद्ध गज कंठनाथ ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

सिद्ध चौरासी आये नाथ दरबार..... आये नाथ दरबार ।

अजर, अमर भये पूर्ण काया ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

माया संग आये मत्स्येन्द्रनाथ..... आये नाथ दरबार ।

शिव शक्ति के रूप निरंजन अवतारी ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

अनन्त कोटि बैठे चौरासी सिद्ध..... बैठे चौरासी सिद्ध ।

जय गुरुदेव, दर्शन देओ, कृपा करो ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

निराकार नाथ भये साकार रूप..... भये साकार रूप ।

अन्दर ज्योति, पंथ दत्त देव की धारा ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

अस्थि मांस मज्जा सिद्ध काया निर्माण..... सिद्ध काया निर्माण ।

भया रूप मन के देह, अनन्त आत्मा ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥







देखो नाथ दरबार गुरु आनन्द कृपा..... गुरु आनन्द कृपा ।

नाथ दरबार के चरणों में हुई कृपा ॥

आदेश आदेश मेरे सतगुरु नाथ, मेरे सिद्ध नवनाथ ।

नवही नाथों की ज्योति प्रगटी हो जगा ॥

(पुस्तक: नवनाथ चरित्र दर्शन एवं सांस्कृतिक विधि)

लेखक श्री महंत गुरु डॉ. योगी विलास नाथ जी महाराज (के सौजन्य से)

अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा

अध्यक्ष,
प्रचार प्रसार