सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी ।
अलख निरंजन कौन स्वरूप बोलिये ।
अलख निरंजन ज्योति स्वरूपी बोलिये ।
ॐकार शिवस्वरूप, सत्यं व शाश्वत परमात्मा हंस रूपी,
हंस परमहंस को आदेश, गुरु तो गोरक्ष, काया तो गायत्री ॐ ब्रह्मा,
सात शरीर, शक्ति, शुभ माता, अच्युत पिता ।
अथर पंथ, अचल पर्वती, निरंजन योगी, विचित्रम ज्ञाति,
अरूप पद, अमरनाथ शाश्वत, सूक्ष्मदेव, आत्मज्योति, ब्रह्मज्ञानी
श्री ॐ गोरक्षनाथ दिव्यमन्त्र-निराकार पंथी,
तत्वज्ञान-गोरक्ष निरंजन: प्रत्यक्षदर्शन ।
इतना गोरक्ष गायत्री जाप सम्पूर्ण हुआ ।
श्री नाथ जी गुरुजी को आदेश । आदेश । आदेश ।।
(पुस्तक: नवनाथ चरित्र दर्शन एवं साक्षात्कार विधि)
लेखक श्री महंत गुरु डॉ. योगी विलास नाथ जी महाराज (के सौजन्य से)
अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा
अध्यक्ष: प्रचार प्रसार